पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन(पीएजीडी)
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में सियासी गठजोड़ पिछले कुछ समय से जारी है और इसी गठजोड़ में अब पीऐजीडी को झटका लगा है। पीऐजीडी के सदस्य जावेद मुस्तफा मीर सोमवार को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी में शामिल हो गए। जावेद असल में शाह फैसल की पीपुल्स मूवमेंट से संबंध रखते थे। जावेद का स्वागत जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने किया।
अल्ताफ बुखारी ने कहा कि लोगों की चिंताओं को कम करने के लिए हमने पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बुखारी ने कहा कि जावेद मुस्तफा मीर के शामिल होने से निश्चित रूप से हमें 5 अगस्त 2019 को दिए गए सदमे से लोगों को बाहर निकालने के हमारे मिशन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारा मिशन लोगों की गरिमा और सम्मान को बहाल करना है, ताकि लोगों को लगे कि उनसे जो छीन लिया गया है, उसे बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम अपने प्रयासों से संतुष्ट हैं।
यह भी पढ़ें-
पाकिस्तान में है माता का ये मंदिर: राम और परशुराम से जुड़ी हैं मान्यताएं, कीजिए पावन शक्तिपीठ के दर्शन
जावेद मीर ने कहा कि यह एजेंडा बदलने का सवाल नहीं है क्योंकि एजेंडा हमेशा एक जैसा रहता है। कभी-कभी आपका मन करता है कि आप अच्छे संगठन में चले जाएं। हमारे प्रयासों से लोगों को लाभ मिले। मीर ने पीएजीडी के एजेंडा से संबंधित एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि जब मैं वहां था, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए अदालत में था और जब मैं यहां हूं तब भी यह अदालत में है। मीर के अनुसार वह निजी तौर पर अनुच्छेद-370 और 35ए की बहाली के लिए काम करेंगे हालांकि अपनी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे में स्टेटहुड की बहाली को प्राथमिकता दी गई है।