जम्मू कश्मीर राज्य विधानसभा में विपक्ष ने कश्मीर में बर्फबारी के बाद उत्पन्न संकट से निपटने में सरकार की विफलता के विरोध में वॉकआउट किया। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष ने कार्य स्थगन का प्रस्ताव लाकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। इस मांग को मंजूर नहीं किए जाने के बाद विपक्षी सदस्यों का गुस्सा भड़का।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेशनल कांफ्रेंस की ओर से कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया गया। विपक्षी सदस्य कश्मीर के अलावा रियासत के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की दिक्कतों पर चर्चा चाहते थे। नेकां के अली मोहम्मद सागर ने कहा कि सरकार सड़कों से बर्फ हटाने में नाकाम रही है। बिजली संकट बढ़ गया है।
पेयजल और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है। जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेकां के देवेंद्र राणा ने कहा कि जम्मू के पहाड़ी इलाकों में भी हालत बेहद खराब है। आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस के विकार रसूल ने रामबन क्षेत्र की समस्याएं गिनाईं।