जम्मू कश्मीर में कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में विधानसभा में विपक्ष ने वाकआउट किया। अनुदान मांगों पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भाषण के तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे की सूचना देनी चाहिए, लेकिन स्पीकर ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद विपक्षी सदस्य वेल के नजदीक आ गए।
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सदस्यों की बात सुन ली जाए और सरकार के तरफ से उत्तर जाए। बाद में उमर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि एक सदस्य को सूचना देने की इजाजत दी जानी चाहिए। वे नहीं चाहते कि उनके भाषण के बाद हंगामे की स्थिति आए।
इसके बाद स्पीकर की इजाजत से विधायक एजाज अहमद ने सदन को एससी-एसटी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की सूचना दी। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे कर्मचारियों पर लाठियां चलाईं गईं। कर्मचारी प्रमोशन में आरक्षण की मांग कर रहे हैं, जिसका आश्वासन सरकार दे चुकी है, लेकिन यह लागू नहीं हुआ।