आपको याद होगा फिल्म हिम्मतवाला का वह दृश्य, जिसमें अजय देवगन एक बाघ से लड़ता है। लेकिन वह बाघ नकली था। पर गंदोह में एक बुजुर्ग ‘हिम्मतवाला’ ने तेंदुए से वैसे ही दस मिनट तक युद्ध किया। आखिर तेंदुए को खाई में गिरा दिया और उसके जबड़े में दबे अपने हाथ को खींच कर निकाला।
मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण तमाशा देखते रहे। किसी की हिम्मत तेंदुए के सामने आकर बुजुर्ग को बचाने की हिम्मत नहीं हुई। यानी बुजुर्ग नजीर अहमद ने साबित कर दिया- हिम्मते मर्द, मर्दे खुदा।हुआ यूं कि टांटली बिसरन गंदोह निवासी 57 वर्षीय नजीर अहमद रोज की तरह अपने गुज्जर कोठे के बाहर बैठा था।
शनिवार की सुबह करीब दस बजे ऊपरी पहाड़ से अचानक एक आदमखोर तेंदुआ आया और उस पर झपट पड़ा। अस्पताल में भर्ती नजीर ने कहा- ‘मैं वह चीख-पुकार करता रहा। आसपास के सभी लोग बाहर निकले। पर सभी मूकदर्शक बने रहे। तेंदुआ मुझे घसीट कर ले जा रहा था। मेरा हाथ उसके मुंह में था। आखिर खुद ही मौत का सामना करना उचित समझा। खुद का बचाव शुरू किया।