जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वैकल्पिक आधार पर बाजारों में 50 फीसदी दुकानें खोलने के फैसले का व्यापारी संगठनों ने विरोध किया है। इसको लेकर मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने अपने स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। इस फैसले को वापस लेते हुए वीकेंड लॉकडाउन या प्रतिष्ठान खोलने की समय सारिणी को और घटाने का समर्थन किया गया।
चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि 50 फीसदी वैकल्पिक आधार पर प्रतिष्ठान खोलने से व्यापारियों को नुकसान होगा। लेकिन इससे कोविड संक्रमण चैन को तोड़ने में मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि लोग बाजारों में रोजाना की तरह पहुंचेंगे। मौजूदा शादी विवाह का सीजन है, जिससे वैकल्पिक आधार पर बंद से कारोबार को नुकसान होगा। उपराज्यपाल के आग्रह पर हमने स्वैच्छिक तौर पर सुबह 10 से शाम 7 बजे तक दुकानें खोलने पर सहमति जताई थी, जिसमें सरकार और कटौती करते शाम 6 या 5 बजे तक कर सकती है। इसके साथ वीकेंड लॉकडाउन में शनिवार और रविवार को बंद रखकर संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकता है। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने कहा कि 50 फीसदी दुकानें खोलने के फैसले से वेयर हाउस में अनाज सप्लाई प्रभावित होगी। यह मुमकिन नहीं है कि वैकल्पिक आधार पर वेयर हाउस में दुकानें खोली जाएं, क्योंकि दैनिक आधार पर यहां से जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लिए अनाज की सप्लाई होती है। हमने पहले ही स्वैच्छिक तौर पर वेयर हाउस को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा सभी कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। उन्होंने उपराज्यपाल प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि वीकेंड लॉकडाउन में शनिवार और रविवार को बंद रखा जा सकता है। राज तिलक रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान विमल गुप्ता ने कहा कि 50 फीसदी दुकाने खोलने के फैसले से बाजारों में असमंजस की स्थिति रहेगी।