केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नगरोटा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के नए कैंपस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नई शिक्षा नीति के तहत आईआईटी जम्मू में कई नए कोर्स शुरू करने की घोषणा की गई। इसमें आईआईटी व आईआईएम के सहयोग से छह साल का डिग्री कोर्स शामिल है।
यह कोर्स बीटेक करने वाले छात्रों को एमबीए करने का मौका देगा। इसके लिए अभ्यर्थी को कैट उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं होगा। यह देश में पहली बार हुआ है जब तकनीकी-प्रबंधन शिक्षा को साथ-साथ किया गया है। इसके साथ ही आईआईटी-आईआईएम व एम्स के सहयोग से दो साल का अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम भी लांच किया गया। यहां टनल इंजीनियरिंग कोर्स भी चलाया जा रहा है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग का यह कोर्स हिमालयी क्षेत्रों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
210 करोड़ रुपये की लागत से बने नए कैंपस में छात्रों की उच्च शिक्षा के साथ-साथ अच्छे छात्रावास, जिम्नेजियम और इंडोर गेम्स जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने संस्थान में रविवार को नए बहुआयामी शोध केंद्र सप्तऋषि का शिलान्यास किया। आईआईटी के तीसरे चरण की आधारशिला रखी जिस पर 680 करोड़ खर्च होगा। यह 2023 तक पूरा होगा। एक लाख वर्ग मीटर में बनने वाले इस चरण से कैंपस में अध्ययन-अध्यापन व शोध सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही मास्टर प्लान का भी निरीक्षण किया। पूरे कैंपस के लिए 1182 करोड़ रुपये स्वीकृत है जो 405 एकड़ में फैला हुआ है।
सप्तऋषि अनुसंधान केंद्र उत्तर भारत में तकनीकी उत्कृष्टता का उदाहरण होगा। यहां उपलब्ध तकनीकी का स्थानीय संस्थान तथा शोधार्थी इस्तेमाल कर सकेंगे। कहा कि शिक्षा किसी भी समाज व क्षेत्र की समृद्धि-विकास का मूल आधार है। इसी दिशा में नए कैंपस का उद्घाटन किया गया है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के युवाओं की शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। आईआईटी का यह नया कैंपस इसी संकल्प को दर्शाता है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
गृह मंत्री ने पदाधिकारियों से बातचीत में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के बारे में विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि संस्थान में देश भर के छात्र पढ़ाई करेंगे लेकिन जम्मू कश्मीर के छात्रों के लिए विशेष रूप से सैटेलाइट प्रोग्राम शुरू करने की जरूरत है। सैटेलाइट प्रोग्राम के माध्यम से प्रदेश के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पदाधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इन सुझावों के मुताबिक छात्रों के लिए सैटेलाइट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
संस्थान में छात्रों के लिए हो रहे काम
गृह मंत्री शाह ने बताया कि आईआईटी जम्मू के संस्थान में पहुंचते ही उन्हें बेहद प्रसन्नता हुई है। संस्थान में छात्रों के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, नगरोटा के पूर्व विधायक देवेंद्र सिंह राणा व संस्थान के अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा गृह मंत्री ने राजकीय डिग्री कालेज पलोड़ा में भी साढ़े बारह करोड़ की लागत से महिला छात्रावास पर भूमि पूजन किया। आईआईआईएम व आईआईएम के निदेशकों से भी बातचीत करके संस्थान की प्रगतियों के बारे में जाना।