भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान बार्डर पर गोलाबारी कर रहा है। इससे सीमावर्ती गांवों में जबरदस्त तनाव है। सीमा से सटे मढ़ विधानसभा क्षेत्र के कानाचक, गोलपत्तन, दियोड़ा नपू, सांदवा, मकवाल, गजनसू, नई बस्ती सहित अन्य गांवों के लोग पाकिस्तान की ओर से बार्डर पर की जा रही गोलाबारी के बावजूद गांवों में डटे हैं। हालांकि, चिक नेक बार्डर होने के कारण अभी ये गांव गोलाबारी से बचे हुए हैं।
प्रशासन ने दी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
ग्रामीणों में तनाव भरी दशहत जरूर है, लेकिन पाकिस्तान को सबक सिखाने की प्रबल इच्छाशक्ति भी है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बुधवार सुबह गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे यहीं जन्में है और यहीं रहेंगे। बुजुर्गों का कहना है कि हमने इससे पहले 1965 और 1971 की जंग भी देखी है। उस वक्त भी अपने गांव में ही रहे थे। हालात जैसे भी हों हम पैतृक स्थान छोड़कर नहीं जाएंगे।