दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के पिंजूरा गांव में आतंकियों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन करीब बारह घंटे बाद स्थगित कर दिया गया। आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिला। सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर बुधवार शाम को ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान शुरुआत में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच फायरिंग भी हुई, लेकिन आतंकी मकान से निकल कर सेब के बगीचों की ओर भाग निकले। उसके बाद भी सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान लगातार जारी रखा।
गुरुवार की सुबह तक चले इस ऑपरेशन में आतंकियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगने पर ऑपरेशन को स्थगित किया गया। इस ऑपरेशन में कोई आतंकी तो नहीं मारा गया, अलबत्ता एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई और एक सेना का जवान भी घायल हुआ।
गौरतलब है कि बुधवार को को इस ऑपरेशन की खबर फैलते ही स्थानीय युवा सड़कों पर उतर आए थे और जमकर पत्थरबाजी की। हालात काबू से बाहर होता देख सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे गए।
पेलेट का इस्तेमाल किया गया और हवाई फायरिंग भी की गई। इस दौरान करीब 40 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। घायल में सज्जाद अहमद पर्रे की मौत हो गई। जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल प्रदर्शनकारियों को श्रीनगर रेफर किया गया।