जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख (डीजीपी) आरआर स्वैन का क्षेत्रीय दलों के नेताओं के आतंकवादियों के साथ मेलजोल के बयान को लेकर विपक्ष की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इसी बीच बुधवार को एडीजीपी विजय कुमार ने कहा कि शायद ये उनका निजी विचार हो सकता है क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस एक गैर-राजनीतिक बल है।
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पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्वैन ने सोमवार को दावा किया था कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के चरम के दौरान जम्मू-कश्मीर में नागरिक समाज के सभी पहलुओं में घुसपैठ की और क्षेत्रीय दलों ने राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवादी नेताओं को बढ़ावा दिया।
आरआर स्वैन की टिप्पणी पर राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई और पीडीपी ने पिछले 32 महीनों में सुरक्षा बलों को हुए भारी नुकसान को लेकर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
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यहां पत्रकारों से बात करते हुए अतिरिक्त डीजीपी विजय कुमार ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर पुलिस एक पेशेवर, गैर-राजनीतिक और निष्पक्ष पुलिस बल है। डीजीपी का बयान उनका निजी विचार हो सकता है।'
पिछले चार सालों में आतंकवाद से निपटने में अहम भूमिका निभाने वाले विजय कुमार आशूरा के दिन मुहर्रम जुलूस के लिए किए गए प्रबंधों की देखरेख करने के लिए जदीबल में थे। उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और जुलूस को सुचारू रूप से चलाने में योगदान देने वाले नागरिक स्वयंसेवकों की सराहना की।