देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के सेवानिवृत्त होने के दो दिन बाद नेशनल कांन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को बड़ी आसानी से परे धकेल दिया ताकि लोग इसे भूल जाएं।
उमर अब्दुल्ला ने अप्रैल में तत्कालीन सीजेआई रमना की टिप्पणियों के बारे में ट्विटर पर एक समाचार रिपोर्ट साझा की, जिसमें जस्टिस रमना ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट गर्मी की छुट्टी के बाद याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
उमर ने लिखा कि इसके बावजूद वह पीठ का गठन किए बिना सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने लिखा कि कुछ लोगों को आश्चर्य होता है कि इन संस्थानों में लोगों का विश्वास क्यों कम हो जाता है, शायद इसका गंभीर मुद्दों को संभालने के तरीके से कुछ लेना-देना है।
न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने शनिवार को न्यायमूर्ति रमना के स्थान पर भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। .