महाराष्ट्र सदन में तैनात मुसलिम स्टाफर के कथित तौर पर जबरन रोजा तोड़ने की कोशिश का मुद्दा लोकसभा में उठने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर जबरदस्त नाराजगी जताई। उन्होंने ट्वीट कर शिवसेना सांसद की निंदा की।
उमर ने कहा कि इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए कम है। यह शर्मनाक स्थिति है। एक अन्य ट्वीट के जरिये उमर ने पीडीपी के सरकार बनाने संबंधी दावों की भी चुटकी ली।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट के जरिये कहा कि अगर किसी मुसलिम सांसद ने गैर मुसलिम शाकाहारी को मास परोसा होता अथवा उसे जबरन खिलाता तो भाजपा और शिवसेना की फिर क्या प्रतिक्रिया होती।