जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से क्षेत्रीय, धार्मिक और भाषाई मतभेदों से ऊपर उठकर एक अधिक समावेशी और समृद्ध समाज के निर्माण का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि एकता और सामूहिक संकल्प क्षेत्र के हितों की रक्षा और लोगों को विभाजित करने वाली ताकतों को परास्त करने के लिए आवश्यक हैं।
एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए डॉ. फारूक ने कहा, हमें यह याद रखना होगा कि हमारी ताकत हमारी विविधता में निहित है। अब समय आ गया है कि सभी समुदाय, चाहे वे किसी भी क्षेत्र, धर्म या भाषा से हों, शांति, विकास और सभी के लिए सम्मान के बड़े हित में एकजुट हों।
डॉ. फारूक ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पर्यटकों में विश्वास बहाल करने और पर्यटन क्षेत्र फिर से रफ्तार देने के लिए उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने सरकार की त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया को स्वीकार किया, जिसने प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने गागरीबल डलगेट में एडवोकेट बशीर अहमद सिद्दीकी के घर जाकर उनकी माता के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान, डॉ. फारूक ने हाजी गुलाम मोहम्मद डागा के प्रति भी अपनी संवेदना व्यक्त की। संवाद