पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर कश्मीरियों को बदनाम करने का आरोप लगाया है। अनंतनाग में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में उमर ने कहा, केंद्र सरकार की नजर में कश्मीरी युवाओं का संघर्ष केवल हवाला राशि और आतंकवाद से जुड़ा है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने बाकायदा राज्यसभा में बयान देकर इस आशय को व्यक्त किया है। उमर ने कहा कि कश्मीर मसले के राजनीतिक पहलू को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ही जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कश्मीर के हालात सामान्य करने के लिए एकमात्र राजनीतिक नजरिया ही विकल्प है, लेकिन महबूबा मुफ्ती ने कश्मीरियों की मौतों और जख्मों को आतंकवाद से जोड़कर पेश किया है। यही वजह है कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री के नजरिए से काम ले रही है।
'महबूबा का किरदार आरएसएस के एजेंडे के अनुरूप'
उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं।
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उमर ने कहा कश्मीर में जिस तरह के हालात हैं, ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक समस्या को आतंकवाद और हवाला राशि से जोड़कर पेश करना और भी घातक होगा। मुख्यमंत्री पर बरसते हुए उमर ने कहा कि सत्ता में आने से पहले महबूबा तख्तियां पकड़कर कश्मीरी अवाम की आवाज बनने का दावा करती थीं।
सत्ता में आने के बाद उनका किरदार आरएसएस के एजेंडे के अनुरूप हो गया है। आज हजारों की तादाद में कश्मीरी युवा जेलों में कैद हैं।
महबूबा दिल्ली जाकर घाटी में विश्वास बहाली के उपायों पर जोर दे रही हैं, जबकि सत्ता में आने के बाद से अफस्पा, हुर्रियत को शामिल कर पाकिस्तान से बातचीत जैसे मुद्दे ठंडे बस्ते में चले गए हैं। उमर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार की नाकामियों से बनी भरोसे की खाई को पाटने के लिए अवाम के बीच जाएं।