पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गत वर्ष राज्य में मारे गए आतंकवादियों की संख्या पर गर्व करने वाले सेना के अधिकारियों से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई युवा आतंकवाद में शामिल नहीं होता तो यह बहुत अच्छा वर्ष होता।
उमर ने अपने ट्वीट में लिखा कि मैं एक अलग विचारधारा रखता हूं। एक अच्छा वर्ष तब होना था, जिसमें कोई भी युवा आतंकवाद में शामिल नहीं होता। कोई आतंकवादी नहीं मारा जाता और कोई भी सुरक्षाकर्मी मुठभेड़ में अपनी जान नहीं गंवाता।
उमर ने कहा कि आतंकवादियों को मारने की मजबूरी को उत्सव का कारण नहीं माना जाना चाहिए। उमर उत्तरी कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह की टिप्पणी का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2018 सुरक्षा बलों के लिए एक अच्छा वर्ष रहा है।
क्योंकि 250 से अधिक आतंकवादी मारे गए। 54 जीवित पकड़े गए और 4 ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।