नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के विरोध के चलते बारामुला लोकसभा सीट पर लोगों ने अधिक मतदान किया। उमर ने कहा कि लोगों ने अपने वोटों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर, भाजपा ने शीर्ष नेताओं का कहना है घाटी में अधिक मतदान 370 को निरस्त करने के कारण हुआ है। इससे कश्मीर में बदलाव हुआ है और स्थिति सामान्य हई है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'हम जानते हैं कि स्थिति कितनी अच्छी है। दो दिन पहले शोपियां और पहलगाम में जो हुआ वह हमें बताता है कि घाटी में हालात कैसे है।' बीते शनिवार को शोपियां और पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। शोपियां पूर्व सरपंच एवं भाजपा नेता एजाजा अहमद की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पहलगाम में राजस्थान के पर्यटक दंपत्ति को आतंकियों ने निशाना बनाकर घायल कर दिया।
उमर ने कहा, 'लोगों ने वोट देने के अपने अधिकार का उपयोग करने का साहस दिखाया। केंद्र को इसके लिए कोई श्रेय नहीं है। यदि वे इसे अनुच्छेद 370 (हटाने) से जोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें जवाब देना होगा कि 1990 से पहले हुए चुनावों में मतदान अधिक क्यों हुआ था।'
बारामुला लोकसभा क्षेत्र में सोमवार को हुए मतदान में अब तक का सर्वाधिक 59 प्रतिशत मतदान हुआ। उमर ने कहा कि अधिक मतदान होने का दूसरा कारण यह है कि किसी भी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। जनता बदलाव चाह रही है।
उन्होंने कहा, 'आज सरकारी कार्यालयों में प्रवेश की अनुमति किसे मिलती है? और यदि कोई प्रवेश करने में सफल भी हो जाता है, तो किसके मुद्दों का समाधान होता है?'
नेकां नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान में सभी निर्णय शाही फरमानों की तरह घोषित किए जाते हैं। अब्दुल्ला ने कहा, कई कारण हैं लेकिन अच्छी बात यह है कि लोगों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया है, क्योंकि लोकतंत्र में यही खुद को व्यक्त करने का एकमात्र तरीका है।