नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को अपनी दिल्ली यात्रा के राजनीतिक कारण से प्रेरित होने से इनकार किया। इसके साथ ही उन्होंने नेकां के विभाजित होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ऊब जाने की वजह से मन बहलाने के लिए घूमने आये थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात का खंडन करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा केंद्र द्वारा स्थापित सलाहकार परिषद और उसके अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी से किसी भी प्रकार से संबंधित नहीं थी। उनकी यह टिप्पणी पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं तनवीर सादिक और आगा रुहुल्लाह मेहदी के बीच कथित मतभेदों की पृष्ठभूमि में आई है। पांच अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अहम खंडों को निष्प्रभावी कर दिया था।
उमर ने कहा कि पिछले साल अगस्त में जो हुआ था, नेकां सभी वैध साधनों का उपयोग करते हुए चुनौती देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस बारे में न तो सादिक और न ही मेहदी के व्यक्तिगत विचारों ने सुप्रीम कोर्ट में पार्टी द्वारा उठाए गए रुख में बदलाव किया है।