पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री को हिंसा के दौरान हिरासत में लिए गए लोगाें को रिहा कर देना चाहिए, इसके लिए केंद्र की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं है।
उमर ने ट्वीट कर कहा कि उनका क्या जो हजारों की संख्या में गिरफ्तार किए गए हैं और उनके केस कब वापस लिए जाएंगे। इसके लिए तो दिल्ली को कुछ नहीं करना।
गौरतलब है कि उमर ने यह ट्वीट सोमवार को दिल्ली में महबूबा मुफ्ती की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ राज्य के लोगों तक पहुंचने के लिए विश्वास बहाली के उपायों की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर यह भी कहा कि महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी अधिकार सरेंडर कर दिए हैं, इसलिए उन्हें केंद्र के फैसले का इंतजार करना होगा।