पहले उधमपुर, फिर राजोरी और अब जम्मू। कहीं संदिग्ध धमाके हुए तो कहीं पर धमाके करने की साजिश। एक महीने के भीतर ही सात बार धमाके होना अपने आप में एक बड़ी साजिश है। जम्मू संभाग में आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। लगातार होने वाली इन साजिशों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि जम्मू संभाग में आतंकवाद खत्म हो गया है, इसलिए आतंकी संगठन यहां आतंकवाद को दोबारा जिंदा करना चाहते हैं। एक कारण कश्मीर में आतंकियों की विफलता भी है। आतंकी संगठन जम्मू संभाग में सुरक्षाबलों को व्यस्त करना चाहते हैं, ताकि कश्मीर में आतंकी वारदातों को बढ़ा सकें। विस्फोट के पीछे एक ही वजह है कि जम्मू में अशांति फैलाई जाए। इसके लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर भी मदद मिल रही है। लिहाजा जम्मू में आतंकियों का स्लीपर सेल बड़े स्तर पर सक्रिय हैं। जिस पर अंकुश लगाने के लिए खुफिया एजेंसियों को और सतर्क होना पड़ेगा। इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि सीमा पार से लगातर घुसपैठ हो रही है, लेकिन असर कोई नहीं हो रहा।