मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने वन विभाग को प्रदेश के प्रवेशद्वार लखनपुर में बाहरी राज्यों से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की रोक को सुनिश्चित बनाने को कहा है। इसके लिए लखनपुर में चेतावनी भरे होर्डिंग लगाए जाएंगे। प्रदेश में प्रदूषण को रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।
सार्वजनिक स्थलों, वनों में प्लास्टिक के उपयोग को रोका जाए। मुख्य सचिव ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर वन विभाग के यूपी कैपेक्स की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में वन और गैर वनीय क्षेत्रों में पौधरोपण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अगले वित्तीय वर्ष में 1000 वर्ग किमी. अवक्रमित (डिग्रेडेड) वन क्षेत्र को बहाल करने को कहा।
इसके साथ अगले छह माह में 3700 तालाबों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और पुनरु द्धार पर काम किया जाएगा। वन से जल और जल से जीवन और हर गांव में हरियाली अभियान को जोश के साथ लागू करने पर बल दिया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय पारिस्थितिकी को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय समुदायों और पंचायतों को शामिल किया जाए। इस वर्ष के लिए निर्धारित 1.3 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कमजोर क्षेत्रों में राजमार्गों पर पौधे लगाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
वित्त विभाग द्वारा 132 करोड़ रुपये के स्वीकृत परिव्यय से जारी 90 करोड़ रुपये में से अब तक 70 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पीसीसीएफ मोहित गेरा ने बतायाकि पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में अग्रसर है। इस वित्त वर्ष के दौरान मरम्मत के लिए यूटी कैपेक्स में 57 तालाबों को लिया गया है और अब तक 37 तालाबों का पुनर्निर्माण किया जा चुका है।