जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए प्रथम चरण की अधिसूचना मंगलवार को जारी हो जाएगी। मंगलवार 25 नवंबर को होने वाले पहले चरण के मतदान में 15 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अपना विधायक चुनेंगे। इनमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके चहेते गृह राज्य मंत्री एसए किचलू की सीट भी शामिल है। हालांकि नेकां ने अभी तक उमर को गांदरबल से प्रत्याशी षोषित नहीं किया है।
सनद रहे कि किचलू को किश्तवाड़ दंगों के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में उन्हें फिर मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। इसके लिए नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बुधवार पांच नवंबर है। सात नवंबर को इनकी जांच होगी और सोमवार 10 नवंबर तक नाम वापस लिया जा सकेगा।
पहले चरण में लद्दाख की सभी चार सीटों नोबरा, लेह, कारगिल और झंस्कार के अलावा जम्मू संभाग की छह सीटों किश्तवाड़, इंदरबल, डोडा, भद्रवाह, रामबन और बनिहाल, कश्मीर की पांच सीटों गुरेज, बांदीपोरा, सोनावारी, कंगन और गांदरबल पर मतदान होगा। ये सभी वे इलाके हैं जहां बर्फबारी ज्यादा होती है।
बर्फबारी से होने वाली मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव आयोग ने सबसे पहले मतदान कराने का निर्णय लिया है। इनमें से 11 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जो आतंकवाद से पीड़ित हैं।
15 सीटों में 13 पर नेकां-कांग्रेस गठबंधन का कब्जा
आतंकी और अलगाववादी ताकतें शांतिपूर्ण मतदान में खलल डालने की हर मुमकिन कोशिश करेंगी। राजनीतिक दृष्टि से वर्तमान विधानसभा में इन 15 सीटों में से 13 पर सत्तरूढ़ गठबंधन नेकां-कांग्रेस का कब्जा है। गुरेज में नजीर अहमद खान, सोनावारी में मोहम्मद अकबर लोन, कंगन में एनए अहमद, गांदरबल में उमर अब्दुल्ला, कारगिल में कमर अली आखून, जंस्कार में फिरोज अहमद खान और किश्तवाड़ में सज्जाद अहमद किचलू ने पिछला चुनाव नेकां के टिकट पर जीता था।
कांग्रेस के कब्जे वाली छह सीटों में लेह - नवांग रिगजिन, इंदरबल-गुलाम मोहम्मद सरूरी, डोडा- अब्दुल मजीद बानी, भद्रवाह-मोहम्मद शरीफ नियाज, रामबन-अशोक कुमार और बनिहाल- वकार रसूल बानी शामिल हैं। बांदीपोरा सीट पर पीडीपी के निजाम उद्दीन भट और नोबरा में निर्दलीय टी नमग्याल ने जीत हासिल की थी। लोकसभा नतीजों के मद्देनजर इस बार भाजपा और पीडीपी में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। पीडीपी अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर चुकी है।