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जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को चुनौती देना ठीक नहीं: महबूबा

Mon, 25 Apr 2016 12:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
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नई दिल्ली में विज्ञान भवन में आयोजित मुख्यमंत्रियों एवं सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में शिरकत करने पहुंची मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रियासत के विशेष दर्जे को चुनौती देना ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल गलत संदेश जाता है बल्कि शांति प्रक्रिया पर असर पड़ता है। हमारी ताकत और समय का भी नुकसान होता है।
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साथ ही रियासत में मुख्यधारा में राजनीति करने वाले दलों पर वोटरों का भरोसा कम हो जाता है। अविश्वास का माहौल भी बनता है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर बेहद संवेदनशील प्रदेश है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने रियासत को विकास के एजेंडे पर आगे ले जाने के लिए पूरे देश के लोगों से समर्थन और सहयोग मांगा।

इस दौरान महबूबा ने रियासत में राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय खोलने की भी मांग की। अपने संबोधन के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर ने मुख्यमंत्री महबूबा का सम्मेलन में शामिल होने के लिए आभार जताया और साथ ही कहा कि पूरा देश उनके पीछे खड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को चाहिए उसकी याचिका कितनी भी तुच्छ हो, उसको कोर्ट में जाने का मूल अधिकार है और इससे उसको वंचित नहीं किया जा सकता।  
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सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि सरकार रियासत को मिले विशेष दर्जे की अहमियत को कम करने वाले मुद्दों को तवज्जो देने का जोखिम नहीं उठा सकती। कहा कि उनका काम तब और मुश्किल हो जाता है कि जब देश के अन्य हिस्सों में कुछ ग्रुप रियासत को मिले विशेष दर्जे और शेष भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के विशेष रिश्ते को चुनौती देने का काम करते हैं।
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'‌र‌ियासत को फ‌िर से ‌व‌िकास के रास्ते पर लाना प्राथम‌िकता'

कार्यक्रम में मौजूद व‌िभ‌िन्न राज्यों के मुख्यमंत्री - फोटो : PTI
महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अभी भी उन पुराने जख्मों जो उन्हें बदकिस्मती और दुर्भाग्य से मिले हैं, उन पर मरहम लगा रहे हैं। उन्होंने देश भर के लोगों से वर्षों से कश्मीर में चल रहे राजनीतिक संघर्ष से हुए जानमाल के नुकसान की भरपाई और विकास में पिछड़े जम्मू-कश्मीर को पटरी पर लाने के लिए सहयोग और समर्थन मांगा। 

विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर केंद्रीय कानून मंत्री सदानंदा गौड़ा और केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अब्दुल हक खान सहित उपस्थित अन्य लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रियासत को फिर से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने, हालात सामान्य बनाने और लोगों के चेहरों में मुस्कराहट लौटाना है।

इसमें वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान न्यायपालिका में पूरा भरोसा जताया और कश्मीर में विभिन्न मामलों में न्यायपालिका द्वारा हस्तक्षेप कर लोगों को इंसाफ दिलाने, विशेष तौर पर 2014 के बाढ़ पीड़ितों के इंश्योरेंस के मामलों को फास्ट ट्रैक प्रणाली से निपटाने के निर्देश जारी करने के लिए न्यायपालिका का आभार भी जताया।
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