जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उमर ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामाग्री लेकर आ रही संस्थाओं, ग्रुपों ओर लोगों को अब एनओसी की जरुरत नहीं पड़ेगी। राहत लेकर आ रही संस्थाओं को खुद यह प्रमाणित करना होगा करना होगा कि वे जो सामान लेकर आ रहे हैं उसे बाजार में नहीं बेचा जाएगा।
राज्य सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब हाल ही में जगह-जगह पर प्रशासन द्वारा रोकी गई राहत सामाग्री के बाद सरकार को आलोचनाओं का सामना करन पड़ा था। हाल ही राहत सामाग्री लाने वालों को दिल्ली के आसवासीय कमिश्नर या फिर श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर से एक एनओसी लेटर लेना होता था।