जनरल बस स्टैंड, बीसी रोड से राज्य और अंतरराज्यीय वाहनों के गुजरने पर वसूल की जाने वाली अड्डा फीस बंद हो गई है। स्लीपर कोच बस मालिकों के स्टे पर यह कार्रवाई हुई।
अड्डा फीस का टेंडर लेने से लेकर अड्डा फीस वसूलने तक विवाद खड़े होते रहे हैं। यही नहीं, जम्मू विकास प्राधिकरण भी कई वर्षों तक अड्डा फीस की अनुमति देने पर लाखों रुपये वसूलता रहा है।
अड्डा फीस बंद होने से जहां स्थानीय लोगों को राहत मिली है, वहीं अंतर राज्यीय वाहन चालकों को भी सुविधा हुई है। सूत्रों के मुताबिक जम्मू के चार से पांच स्लीपर बस मालिकों ने कोर्ट में यह कहते हुए स्टे लिया है कि रोड नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया की है, ऐसे में अड्डा फीस नहीं बनती है, लेकिन चालकों पर दबाव बनाकर उनसे बीस से पचास रुपये प्रति फेरे पर वसूल किए जाते हैं।
दूसरा जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) भी पता नहीं किस आधार पर ठेकेदारों से लाखों रुपये लेकर अड्डा फीस वसूलने की उन्हें अनुमति दे रहा था। यह चलन कई वर्षों से चलता आ रहा था, जोकि बस मालिकों के स्टे लेने पर अब जाकर बंद हुआ है।
दूसरी ओर अड्डा फीस वसूलने वालों का कहना है कि जेडीए में लाखों रुपये जमा करवाने के बाद वह अड्डा फीस लेते थे और स्थानीय लोगों से कोई अड्डा फीस नहीं ली जाती थी।
जम्मू के दूसरे जिले के छोटे वाहनों और बाहरी राज्यों के वाहनों से ही अड्डा फीस ली जाती थी। जेडीए के अधिकारियों ने कोर्ट में स्टे होने का हवाला देते हुए कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।