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इस ईद, सूने पड़े बाजार सड़कों से रौनक गायब

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ईद से एक दिन पहले श्रीनगर के जिन बाजारों में पैदल चलना मुश्किल होता था, वह आज सूने नजर आए। इन बाजारों में वाहन दौड़ रहे थे। बंद दुकानें और लोगों की अनुपस्थिति बाढ़ की तबाही की कहानी बयां कर रही थी।
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कुछ दुकानदार अपनी दुकानों की मरम्मत करने में जुटे थे। श्रीनगर के बिजनेस हब कहे जाने वाले लाल चौक, हरि सिंह हाई स्ट्रीट, मायसूमा, मौलाना आजाद रोड जैसे बाजारों में ज्यादातर दुकानें बंद थी। जहां ईद के मौके पर लोगों की दिन के अलावा देर रात तक गहमागहमी रहती है।
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पहले होता था लाखों का कारोबार

ईद के त्योहार की तैयारियों में जुटने की बजाए बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग पुनर्वास के लिए धरना देते नजर आए। शापकीपर्स एसोसिएशन का कहना है कि वे लगातार पुनर्वास के लिए धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई राहत नहीं मिली। 28 दिन बाद भी बिजनेस हब में गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं।

राइट वेवज के मालिक मुन्नवर हुसैन का कहना है कि कामकाज पटरी में आने पर डेढ़ माह लग सकता है। उसके बाद सर्दी का मौसम शुरू हो जाएगा तो बाजार ऐसे ही चौपट हो जाएगा। आहूजा इलेक्ट्रानिक्स के मालिक दिलकश आहूजा ने कहा कि करोड़ों रुपये के इलेक्ट्रानिक सामान का नुकसान हुआ है।

ईद पर 50 लाख से ऊपर कारोबार होता है। इस बार सामान तो खराब हुआ, कारोबार भी नहीं हुआ। पिछले 25-30 सालों में कभी ऐसा दिन नहीं देखा।
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लंबे समय बाद लगा संडे बाजार

ईद के मौके पर फ्रूट मंडी में ऊंट, भेड़ और बकरों की भारी बिक्री होती है, लेकिन इस बार यह बाजार सूना है। जानवर तो हैं, लेकिन खरीददार नहीं है।

लंबे समय के अंतराल के बाद ईद से पहले संडे बाजार लगा, जहां कुछ ग्राहकों की गहमागहमी नजर आई। हालांकि यहां दुकानें लगाने वाले लोग प्रभावित इलाकों की दुकानों का सामान निकालकर सस्ते दामों पर बेचते नजर आए।
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