जम्मू-कश्मीर के युवाओं की खेल प्रतिभा, सुविधा और संसाधनों के अभाव का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश के 20 जिलों में खेल मैदान और कोच कमी हैं, जो खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौरान में खिलाड़ियों के सामने बड़ी चुनौती है। देश के अन्य राज्यों में खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में पांच ओलंपिक खेल कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, तीरांदजी, टेबल टेनिस में कोच ही नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसलि के साथ 52 खेल एसोसिएशन पंजीकृत हैं, 216 खेल मैदान और 52 ही स्थायी कोच हैं।
जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने का जिम्मेवारी जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल की है। काउंसिल के पास प्रदेश में 216 खेल मैदान हैं, जबकि सिर्फ 52 ही नियमित कोच हैं। कोच और खेल मैदान की सुविधा भी जिला मुख्यालय और जम्मू और श्रीनगर शहर में ही है।
खेलों में भविष्य बनने की चाह रखने वाले डोडा,किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजोरी जिले के खिलाड़ियों को मजबूरन जम्मू और श्रीनगर शहर का रुख करना पड़ता है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी खेल नीति में 20 खेलों को सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा वाले खेलों में शामिल किया हैं। इनमें से पांच खेलों में कोच नहीं है। जम्मू संभाग में भी खेलों मैदान और कोच की स्थिति अच्छी नहीं है।
संभाग में कुल 45 मैदान हैं, जबकि 28 कोच हैं। 45 मैदान में से 17 जम्मू जिले में हैं, जबकि 28 कोच में से 17 जम्मू जिले में तैनात हैं। संभाग के तीन जिलों में एक भी इंडोर स्टेडियम नहीं हैं, नौ जिले में स्विमिंग पूल, चार में प्लेइंग फील्ड नहीं है। जबकि डोडा रामबन में एक भी कोच नहीं, जबकि उधमपुर, किश्तवाड़, सांबा में एक-एक और राजोरी, पुंछ और कठुआ में एक-एक खेल का ही कोच है।
खेलों इंडिया सेंटर में अस्थायी कोच किए है नियुक्ति
स्पोर्ट्स काउंसिल ने जिल स्तर पर खेल इंडिया सेंटर बनाए है। हर जिले में दो खेलों के सेंटर बनाए है। इन सेंटर में एक-एक कोच को नियुक्ति किया गया हैं। अभी तक स्पोर्ट्स काउंसलि ने कुल 38 कोच इन सेंटर में नियुक्ति किए हैं। जम्मू जिले में खेलों इंडिया सेंटर में बैडमिंटन और वुशु का कोच नियुक्ति किया है।
संभाग का एक मात्र स्विमिंग पूल जो चार साल से है बंद
जम्मू संभाग में एक मात्र स्विमिंग पूल जम्मू शहर में हैं, जो चार तीन साल से बंद पड़ा हुआ। स्विमिंग पूल को ऑल वेदर बनने का कार्य 2019 में शुरू हुआ था। तीन साल पूरा होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके कारण प्रदेश में स्विमिंग से जुड़ी सभी तरह की खेल गतिविधियां बंद पड़ी है।
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