जिले के बुद्धल क्षेत्र में बाढ़ और मूसलाधार बारिश की तबाही के
बाद अभी तक लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में
जहां एक तरफ दवाओं का भारी टोटा है तो वहीं दूसरी तरफ मरीजों को एंबुलेंस
तक नहीं प्रदान की जा रही है। बुधवार को बुद्धल यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले
बैठक आयोजित कर लोगों ने जल्द समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
फ्रंट
के चेयरमैन फारूक इंकलाबी ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति रोष
प्रकट करते हुए कहा कि दो हफ्ते बाद भी जिंदगी को पटरी पर लाने में प्रशासन
व सरकार विफल रही है। बुद्धल के सरकारी पीएचसी में दवाओं के नाम पर मरीजों
को कुछ भी नहीं मिल रहा है। ग्लूकोज हो या फिर पट्टी या कोई और दवा, सब
कुछ मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। यहां तक कि
पीएचसी में एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं है। कड़कती धूप हो या फिर मूसलाधार
बारिश, मरीजों को उनके परिजन कंधों पर उठा कर ले जाते हैं।
क्षेत्र में सरकारी राशन व एलपीजी गैस की भी भारी किल्लत महसूस की जा रही
है। पिछले करीब 17 दिनों से यहां यातायात ठप पड़ा है। इससे लोगों के घरों
में खाने-पीने की वस्तुएं भी खत्म हो रही हैं। वहीं उन्होंने चेतावनी देते
हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो लोग मजबूर
होकर सड़कों पर उतरेंगे और धरने-प्रदर्शन का सहारा लेंगे।