कश्मीर में विनाशकारी बाढ़ के बाद अब तक राहत पैकेज को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने 44 हजार करोड़ के राहत और पुनर्वास पैकेज की मांग की थी।
केंद्र सरकार के क्षति आकलन के बाद नीति आयोग ने इसमें कटौती कर दी है। अब नुकसान का आकलन 11 हजार करोड़ पर सिमट गया है। मुफ्ती मोहम्मद सरकार द्वारा सौंपे गए नए मांग प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय ने होमवर्क पूरा कर लिया है। इस मद में पहली किस्त इस माह जारी हो सकती है।
जम्मू कश्मीर के वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू के मुताबिक उमर अब्दुल्ला की पिछली सरकार ने नुकसान का ठीक से आकलन किए बगैर आनन-फानन में प्रारंभिक मांग प्रस्ताव भेज दिया था। इसमें कई त्रुटियां थीं। इस कारण पैकेज की किस्त जारी होने में देर हुई।