झज्जर कोटली आतंकी हमले कि जांच करने मौके पर पहुंची एनआईए कि टीम
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर झज्जर कोटली के पास पुलिस पर हमला के बाद तीन आतंकियों के मारे जाने के मामले की एनआईए ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को एनआईए की टीम ने मुठभेड़ स्थल का मुआयना किया। साथ ही झज्जर कोटली पुलिस थाने जाकर घटना के बारे में जानकारी जुटाई। जेआईसी (ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर) में जाकर हमले के बाद पकड़े गए ट्रक के चालक रियाज अहमद और सहायक मोहम्मद इकबाल से मिलकर भी प्रारंभिक जानकारी हासिल की।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए की टीम आईजी मुकेश सिंह के नेतृत्व में दोपहर लगभग 12 बजे मुठभेड़ स्थल पर पहुंची। उसने तीर्थ गांव में उस घर का मुआयना किया जहां आतंकी छिपे थे। साथ ही मुठभेड़ स्थल के आस-पास के इलाकों का भी निरीक्षण किया। लगभग डेढ़ घंटे तक मौके पर रहने के बाद टीम वहां से लौटकर झज्जर कोटली पुलिस स्टेशन पहुंची। सूत्रों ने बताया कि यहां से टीम जेआईसी पहुंची। सूत्रों ने बताया कि टीम ने जम्मू पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लोगों से भी घटना के विषय में जानकारी हासिल की है। हमले के बाद चालक व सह चालक को साथ लेकर एनआईए की टीम उस स्थान पर भी गई जहां से उसने आतंकियों को ट्रक में सवार किया था। पकड़े गए ट्रक चालक और सह चालक की इस हमले में बड़ी भूमिका है। ट्रक चालक ओजीडब्लयू वर्कर भी है।
चार ग्रेनेड किए निष्क्रिय, आईईडी होने का अंदेशा
सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को मुठभेड़ स्थल के पास चार ग्रेनेड निष्क्रिय किए। यह ग्रेनेड आतंकियों के पास थे। आतंकियों की ओर से आईईडी प्लांट किए जाने का भी अंदेशा है। इस वजह से लोगों को मुठभेड़ स्थल के पास फिलहाल न जाने की हिदायत दी गई है। साथ ही तीर्थ गांव में उस घर के आस-पास के इलाकों को सील कर दिया गया है जहां आतंकी छिपे थे।
इलाके में चला सर्च आपरेशन
इलाके में शुक्रवार को भी सुरक्षा बलों ने सर्च आपरेशन चलाया। पूरे इलाके को अच्छी तरह खंगाला जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आतंकियों ने कोई आईईडी तो नहीं बिछा रखा है। आस-पास कोई ग्रेनेड तो नहीं है जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सके।