श्रीनगर में लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद एनआईए की टीम नावेद और गिरफ्तार ट्रक ड्राइवर को लेकर रविवार को नरसू पहुंची, जहां उसने बीएसएफ की कानवाई पर हमला किया था।
गुपचुप तरीके से आई टीम नावेद को लेकर जम्मू चली गई। जम्मू में उससे नरसू के स्लीपर सेल की जानकारी ली जाएगी। डीआईजी सुरेंद्र गुप्ता ने नावेद के नरसू में पहुंचने की पुष्टि की।
नावेद को एनआईए की टीम चिनैनी के नरसू नाले लेकर सुबह करीब साढ़े पांच बजे पहुंची। टीम को शक है कि नरसू में कोई स्लीपर सेल है। इस स्लीपर सेल ने ही आतंकी नावेद और उसके साथी मोमिन को हथियार दिए। हथियार पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
नावेद और उसके साथी को नरसू तक पहुंचाने वाले ड्राइवर को कश्मीर से पहले ही पकड़ लिया गया है। ट्रक ड्राइवर और नावेद के साथ एनआईए की टीम और जांच अधिकारी अतुल गोयल सुबह पहुंचे।
नावेद और ट्रक ड्राइवर से आंखों देखा हाल सुना। उसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की गई। टीम ने नावेद से पूछा कि वे ट्रक से कहां उतरे और फिर कहां-कहां गए। ट्रक ड्राइवर और नावेद ने टमाटर मोड़ में भी बताया कि किस जगह पर सभी ने खाना खाया।
इसके बाद सभी नरसू पहुंचे। एक होटल में चाय पी और उसके बाद बीएसएफ की कानवाई पर हमला कर दिया। ज्ञात हो कि पिछले चार दिनों से नावेद को लेकर एनआईए की टीम श्रीनगर में थी।
कुछ देर रुकने के बाद टीम नावेद को लेकर जम्मू चली गई। नावेद के पहुंचने के दौरान स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए गए थे। एनआईए की टीम के सूत्रों के अनुसार नरसू में लश्कर-ए-तोयबा का कोई स्लीपर सेल है।
इस स्लीपर सेल की जानकारी और घटना को अंजाम देने की पूरी वारदात की एनआईए की टीम ने जानकारी हासिल की।