एनआईए ने आतंकी षड्यंत्र से जुड़े एक मामले में लश्कर-ए-मुस्तफा के चार कथित आतंकियों के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है। जानकारी के मुताबिक बिहार के निवासियों-मोहम्मद अरमान अली उर्फ 'अरमान मंसूरी' और मोहम्मद एहसानुल्लाह उर्फ 'गुड्डू अंसारी और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के इमरान अहमद हाजम तथा इरफान अहमद डार के खिलाफ शनिवार को जम्मू में एनआईए की विशेष अदालत में पूरक आरोप-पत्र दायर किया गया।
एनआईए ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले एजेंसी ने पिछले साल चार अगस्त को छह आरोपियों के खिलाफ मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था।
बिहार से खरीदे हथियार: एनआईए
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में पाया है जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी संगठन लश्कर-ए-मुस्तफा ने बिहार से हथियार खरीदे थे। ये हथियार हरियाणा और पंजाब से होते हुए जम्मू-कश्मीर में लाए गए थे। इनका मकसद जम्मू-कश्मीर विशेषकर जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था।
जांच में यह भी पाया गया कि चारों आतंकियों (मोहम्मद अरमान अली, मोहम्मद एहसानुल्लाह उर्फ गुड्डू अंसारी, इमरान अहमद हजाम और इरफान अहमद डार) बिहार से हथियार से खरीदकर जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को जम्मू की विशेष कोर्ट में यह आरोपपत्र दायर किया है।
इन चार आतंकियों में अली और एहसानुल्ला बिहार सारन जिले के रहने वाले हैं जबकि इमरान और इरफान कश्मीर के जिला अनंतनाग के रहने वाले हैं। एनआईए ने आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और 1908 की धारा 3 और 4 तथा गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम 1967 की धारा 18 और 23 के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपपत्र में कहा गया है कि ये आतंकी भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ साजिश रच रहे थे। जांच में यह भी पाया गया कि आईएसआई जैश-ए-मोहम्मद को पूरा समर्थन दे रही थी और लश्कर-ए-मुस्तफा को पूरी तरह से नियंत्रित कर रही थी।