बुधवार को तंगधार में सैन्य कैंप पर हुआ हमला पिछले साल उड़ी सैन्य कैंप में हुए हमले के जैसा ही था। दोनों ही हमलों की रणनीति के लिए पहले रैकी की और फिर अंजाम दिया गया। दोनों ही हमलों के होने के पहले से पुख्ता इनपुट थे।
बावजूद हमला हुआ। वर्ष 2014 में उड़ी के मौहरा सैन्य कैंप में हुआ हमला 5 दिसंबर को हुआ था। इसमें आठ आतंकी मारे गए और एक कर्नल सहित 11 जवान शहीद हो गए। इसी दिन कश्मीर में तीन अन्य आतंकी हमले भी हुए थे।
उड़ी में हुए हमले में पाकिस्तानी कमांडो तक शामिल थे। आतंकियों ने सुबह छह बजे ही हमला किया। कैंप में घुसने के बाद सेना की बैरकों में आग लगा दी। इसमें चार जवान जल गए।