450 मेगवाट की बगलिहार पन बिजली परियोजना को रियासत और देश को समर्पित करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1947 के रिफ्यूजियों और 1990 में कश्मीर घाटी से विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों की समस्याओं के हल का संकल्प भी दोहराया।
उन्होंने कहा कि रियासत को दिए गए 80 हजार करोड़ रुपये के पैकेज से सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। मोदी ने कहा कि 1947 के लाखों रिफ्यूजी हैं और रियासत के 15 से 20 फीसदी लोग विस्थापित हैं।
यह कोई छोटा दर्द नहीं है, यह बहुत बड़ी तकलीफ है। उन्होंने कहा कि बहुत देर हो गई है और 1947 के रिफ्यूजियों और विस्थापित कश्मीरी पंडितों का का सम्मानजक तरीके से पुनर्वास होना चाहिए। इसकी पैकेज में व्यवस्था है।