पांचवें चरण के चुनाव को चार जिलों में सुरक्षाबलों की तैनाती शुरू कर दी गई है। खासकर अरनिया के कठार में हुए हमले और नौशेरा में आतंकी हमले की साजिश को देखते हुए अभी से जवानों को तैनात किया जा रहा है।
पांचवें चरण के चुनाव में जम्मू, सांबा, कठुआ और राजोरी जिले में मतदान होगा और ये सभी जिले नियंत्रण रेखा के साथ जुड़े हुए हैं। चारों की नियंत्रण रेखा पर पिछले कुछ साल से आतंकी हमले बढ़े हैं और नियंत्रण रेखा के पास सुरंगें तक खोदी हुई मिलीं। ऐसे में पांचवां चरण सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होगा।
जानकारी के अनुसार 20 दिसंबर को इन चार जिलों की 20 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा। इनमें आरएस पुरा, सांबा, विजयपुर, हीरानगर, छंब, सुचेतगढ़, मढ़, अखनूर, राजोरी, नौशेरा के क्षेत्र ऐसे हैं, यहां अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा है।
यहां पर कई समय से घुसपैठ करने के प्रयास किए जा रहे हैं और एलओसी के पास आतंकी हमले हुए हैं। 20 दिसंबर को चुनाव होगा और आशंका जताई गई है कि आतंकी चुनाव में खलल डालने की कोशिश में हैं। इसलिए किसी भी आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों को तैनात करना शुरू कर दिया गया है।
नियंत्रण रेखा से सटे गांव में पुलिस, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ आदि सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को तैनात किया गया है। गृह विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार का कहना है कि पांचवें चरण के चुनाव को लेकर इन सभी जिलों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी एजेंसियां अपने स्तर पर काम कर रही हैं।
रात को भी वीडियोग्राफी
आतंकी हमलों के बीच पुलिस ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। रात के समय चलने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी शुरू की गई है, ताकि हर किसी पर नजर रखी जा सके। पुलिस ने नाकों पर चेकिंग बढ़ा दी है। सीमांत इलाकों के नाकों में इजाफा किया गया है।
साथ ही रात की गश्त को बढ़ा दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की भी कोई घटना होने से रोका जाए। एसएसपी उत्तम चंद का कहना है कि पुलिस किसी भी तरह के हमले से निपटने को तैयार है। कोई आतंकी घुसपैठ कर आ भी गया तो नाकों पर मारा जाएगा।