रामबन के बनिहाल उपजिला अस्पताल में डाक्टरों द्वारा मृत घोषित नवजात शिशु कई घंटे बाद दफनाने के दौरान जीवित पाया गया। लोगों के आक्रोश पर स्वास्थ्य विभाग ने जूनियर स्टाफ नर्स व स्वीपर को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बानोकूट बनिहाल निवासी बशरत अहमद की पत्नी शामनेमा बेगम ने उप जिला अस्पताल में शिशु को जन्म दिया। मरीज की देखभाल करने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने परिवार को सूचित किया कि महिला ने एक मृत बच्चे को जन्म दिया है। बाद में अस्पताल में चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वे बच्चे को दफनाने के लिए ले गए, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने देखा कि बच्चा हिल रहा है।
परिवार के सदस्य तुरंत बच्चे को फिर से एसडीएच बनिहाल ले गए जहां कुछ चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के बाद बच्चे को विशेष उपचार के लिए श्रीनगर स्थित अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की खबर फैलने पर स्थानीय लोगों और गांव के प्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन के प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया।
जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन
बीएमओ बनिहाल राबिया खान ने आदेश जारी कर एसडीएच बनिहाल में कार्यरत जूनियर स्टाफ नर्स सुमीना बेगम और हजारा बेगम स्वीपर को निलंबित कर दिया। चिकित्सा अधिकारी रामबन ने सीएचसी बनिहाल में स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहम्मद इकबाल भट, बीएमओ उखराल डॉ. मोहम्मद इकबाल और जिला कार्यक्रम प्रबंधक विकास कोहली की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति तीन दिन में रिपोर्ट पेश करेगी।