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जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी तवज्जो, नए आक्सीजन उत्पादन संयंत्र होंगे स्थापित

Thu, 18 Mar 2021 03:45 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Symbolic photo of hospital - फोटो : iStock
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कोविड महामारी से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र को तवज्जो दी गई है। वर्ष 2021-22 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1456 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 188 करोड़ रुपये अधिक है। जम्मू-कश्मीर में 21 लाख परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये का सेहत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा देशभर के अन्य अस्पतालों को पैनल में शामिल करके लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है।

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प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों, संबद्ध अस्पतालों और जिला अस्पतालों में 37 आक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। 227.73 करोड़ की लागत से इस परियोजना में अस्पतालों में अतिरिक्त आक्सीजन उपलब्ध करवाई जाएगी। विश्व बैंक सहायता प्राप्त परियोजना से स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 367.49 करोड़ रुपये की मशीनरी और उपकरण खरीदे जा रहे हैं। बेमिना, श्रीनगर में 116.25 करोड़ रुपये की लागत से 500 बिस्तर का बाल चिकित्सालय स्थापित किया जा रहा है। दो मेडिसिटी का निर्माण होगा।

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लल देद अस्पताल श्रीनगर में 132.50 करोड़ रुपये की लागत से 200 बिस्तर वाले अतिरिक्त ब्लाक का निर्माण किया जा रहा है। 88.94 करोड़ रुपये की लागत से बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल, श्रीनगर में 6 बेड वाले आईसीयू सहित 120 बिस्तर की विशेष आरथोपेडिक यूनिट के निर्माण को मंजूरी दी गई है। उधमपुर और हंदबाड़ा (जिला कुपवाड़ा) में 325 करोड़ रुपये की लागत से दो नए मेडिकल कालेज बनाए जा रहे हैं। दो नए एम्स का अगले वित्त वर्ष में निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
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जम्मू और श्रीनगर में 120 करोड़ रुपये की लागत से दो कैंसर संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से भद्रवाह में इंस्टीट्यूट आफ हाई आल्टीट्यूड मेडिसिनल प्लांट्स स्थापित किया जा रहा है। अनंतनाग, बारामुला, सोपोर, गंग्याल और किश्तवाड़ में पांच नर्सिंग कालेज स्थापित किए जा रहे हैं। नर्सिंग कालेज के स्तर तक के 10 जीएनएम स्कूलों को प्रति कालेज 6 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। कठुआ में 34 करोड़ रुपये से आधुनिक ड्रग जांच प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।

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