खादी ग्रामीण उद्योग बोर्ड में अवैध रूप से हुई नियुक्तियों के मामले में राज्य जिम्मेदारी आयोग ने पूर्व डिप्टी सीएम व बोर्ड के चेयरमैन मंगतराम शर्मा को नया नोटिस जारी किया है।
आयोग के चेयरमैन जस्टिस बीए खान (रिटायर्ड) और सदस्य जस्टिस आरपी सिंह (रिटायर्ड) व जस्टिस बीए किरमानी (रिटायर्ड) की फुल बेंच ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि मंगतराम शर्मा न तो खुद पेश हुए और न ही उनका कोई प्रतिनिधि। जबकि अन्य दो प्रतिवादी बोर्ड के तत्कालीन सेक्रेटरी जेपी सिंह और आरसी शर्मा आयोग के समक्ष पेश हुए।
आयोग ने शिकायतकर्ता सज्जाद मजीद के एडवोकेट शेख शकील अहमद की दलीलें सुनने के बाद बोर्ड के दोनों पूर्व सचिवों को छह सप्ताह में हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखने को कहा।
सुनवाई के दौरान याची के वकील का कहना था कि 26 अक्तूबर 2007 को आयोग ने मंगतराम शर्मा के खिलाफ नियमित जांच के आदेश जारी किए थे। उसके बाद पूर्व डिप्टी सीएम ने आदेश के खिलाफ न्यायालय का रुख अपनाया था।
इस पर उन्हें अदालत से स्टे मिला था। लेकिन नौ फरवरी 2016 को हाईकोर्ट ने एक बार फिर नियमित जांच के आदेश जारी किए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने पूर्व डिप्टी सीएम को ताजा समन जारी किया है।