नई दिल्ली और इस्लामाबाद में शुरू हुई बातचीत की प्रक्रिया का स्वागत करते हुए नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आशंका जताई कि वार्ता को पटरी पर से उतारने की कोशिशें हो सकती हैं।
उन्होंने ऐसी कोशिशों को नाकाम बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उमर ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि चूंकि नई दिल्ली और इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में जम्मू-कश्मीर पार्टी है।
इसके चलते केंद्र सरकार को ठीक उसी तरह जिस तरह पाकिस्तानी से वार्ता शुरू की गई है, रियासत से वार्ता की प्रक्रिया को भी शुरू करना चाहिए। उमर ने कहा कि मैं इसमें नहीं जाऊंगा कि वार्ता दो पक्षों अथवा तीन पक्षों में होनी चाहिए, पर इतना जरूर कहना चाहूंगा कि जम्मू-कश्मीर के दो हिस्से हैं।
एक (आंतरिक) नई दिल्ली और स्टेट के बीच है और दूसरा (बाहरी) नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच है। कहा कि कश्मीर मसले का हल केवल तभी संभव है जब बातचीत दोनों ट्रैक से की जाए।