यूपीए की ओर से जम्मू कश्मीर के लिए शुरू की गई 36 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण योजना (पीएमआरपी) पर बंद होने के खतरा मंडराने लगा है। केंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर पीएमआरपी की तर्ज पर नई योजना शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। मोदी अगले माह जम्मू कश्मीर दौरे के क्रम में 50 हजार करोड़ की लंबी अवधि की नई विकास योजना लांच कर सकते हैं।
केंद्र ने नई योजना पर जम्मू कश्मीर सरकार से भी प्रस्ताव लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव (व्यय) रतन पी वाटल ने जम्मू कश्मीर दौरे के क्रम में बाढ़ पुनर्वास योजनाओं के अलावा पीएमआरपी पर भी राज्य सरकार के अधिकारियों से विचार विमर्श किया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2004 में पीएमआरपी की शुरुआत की थी। विशेष पैकेज के तहत यह योजना शुरुआत में 24 हजार करोड़ की योजना बनाई गई थी, जो बाद में बढ़ाकर 36 हजार करोड़ की कर दी गई।
पांच वर्ष के इस कार्यक्रम के तहत कुल बिजली उत्पादन समेत 67 योजनाएं तय की गईं थीं जिनमें से 10 साल बाद भी सिर्फ 39 ही पूरी हुईं हैं। एनडीए सरकार इस कार्यक्रम की धीमी गति से असंतुष्ट है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक एनडीए सरकार पुरानी योजनाओं को नए नाम से जारी रखेगी। पीएमआरपी का नाम बदल जाएगा और पुरानी योजनाओं के साथ नई योजनाएं इसमें शामिल हो सकती हैं। पूरे प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त फंडिंग की भी व्यवस्था हो रही है।