श्रीनगर में स्थित कश्मीर विश्वविद्यालय में वीरवार को दूसरे दिन भी जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अनुसार 20 जून की रात कैंपस में भाजपा और योग विरोधी प्रदर्शनों के सिलसिले में स्थानीय पुलिस द्वारा अंग्रेजी विभाग के एक छात्र की गिरफ्तारी की गई थी जिसके विरोध में वीरवार को भी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रदर्शन किया गया। वहीं, हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए और हवाई फायरिंग भी की गई।
इस दौरान छात्राओं को भी नहीं बक्शा गया और उन पर भी लाठियां भांजी गई। उन्होंने कक्षाओं का बहिष्कार किया और दूसरे दिन भी विश्वविद्यालय में कोई भी कार्य नहीं हुआ। प्रदर्शनों के दौरान एक बार फिर से भारत विरोधी और राज्य सरकार विरोधी नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे एक छात्र के अनुसार सैकड़ों छात्र प्रशासनिक ब्लॉक के सामने एकत्रित हुए जहां विश्वविद्यालय के वीसी बैठते हैं। इनमें एक अच्छी खासी संख्या छात्राओं की भी थी।
उन्होंने गिरफ्तार छात्र मुजमिल फारूक डार की रिहाई को लेकर मांग की। छात्र के अनुसार प्रॉक्टर द्वारा उन्हें आश्वासन दिलाया गया कि अंदर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक जारी है और उन्हें 2 घंटे का समय दिया जाए। लेकिन जब 2 घंटे बाद भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो उनमें से कई छात्र भड़क गए और जबरदस्त प्रदर्शन करने लगे। पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे और साथ ही हवाई फायरिंग भी की।
उन्होंने बताया कि इस दौरान छात्राओं को भी नहीं बक्शा गया और उन पर भी लाठियां भांजी गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अनुसार जबतक पुलिस द्वारा मुजमिल को रिहा नहीं किया जाता तब तक वह इसका विरोध करते रहेंगे और कक्षाओं का भी बहिष्कार करेंगे। वहीं हालातों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा 27 जून तक मुख्य कैंपस बंद रखने का फैसला लिया है। घटना को लेकर पुलिस द्वारा अपना पक्ष रखते हुए कहा गया है कि इस छात्र की गिर तारी आतंकियों के साथ संबंध को लेकर की गई है।
एक बयान जारी कर पुलिस ने बताया कि पुलवामा का रहने वाला मुज़ िमल फारूक जो विश्वविद्यालय में इंग्लिश डिपार्टमेंट का छात्र है को आतंकी गतिविधियों के चलते गिर तार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राजबाग पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 90 में पुलिस को उसकी तलाश थी। उन्होंने बयान में यह भी बताया है कि कुछ शरारती तत्व छात्र को यह कह कर बहका रहे हैं कि उसकी गिरफ्तारी योग दिवस का विरोध करने पर हुई है जिससे हिंसा भड़क रही है।
इसके चलते आज भी छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय में तोड़ फोड़ करनी शुरू की जिस दौरान पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए बल का प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक इस दौरान किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है।