अवामी इतेहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष और कुपवाड़ा जिले के लंगेट विधानसभा क्षेत्र से जीते प्रत्याशी इंजीनियर रशीद ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करना नेकां और पीडीपी को महंगा पड़ सकता है। श्रीनगर में शुक्रवार को वह प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी को लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार बनाने के लिए आपस में गठबंधन कर लेना चाहिए।
जो भी राजनीतिक दल भाजपा से गठबंधन करेगा उसे लोगों के रोष का सामना करना पड़ सकता है। उसे जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नक्शे से भी हटा दिया जाएगा। वह नेकां-पीडीपी को समर्थन देने को तैयार हैं। इंजीनियर रशीद ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि कश्मीरी जनता की खातिर नेकां और पीडीपी आपस में हाथ क्यों नहीं मिला रहे हैं। मुफ्ती सईद को लोगों के सामने यह बात रखनी चाहिए कि ऐसी क्या शर्तें हैं जो उन्हें नेकां से दूर रख रही है।
साथ ही उमर अब्दुल्ला को भी लोगों को यह सफाई देनी चाहिए कि पीडीपी को समर्थन का न्योता देने के बावजूद वह भाजपा के नेताओं से क्यों मिले। इंजीनियर रशीद ने कहा कि अगर पीडीपी और नेकां राज्य में सरकार बनाते हैं तो वह बिना शर्त उन्हें समर्थन देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पीडीपी को भी समर्थन देंगे अगर वह कांग्रेस के साथ सरकार बनाती है, लेकिन उसमें कई शर्तें शामिल होंगी।
रशीद ने कहा उनकी शर्तों में सियासी कैदियों की रिहाई, आतंकियों के साथ बातचीत, पाकिस्तान के साथ दोस्ताना रिश्ते आदि शामिल रहेंगे। एक सवाल का जवाब देते हुए इंजीनियर रशीद ने कहा कि वह हकीम यासीन और मोहम्मद युसूफ तारिगामी के साथ भी संपर्क में हैं। सबने यह फैसला किया है कि उस राजनीतिक दल को समर्थन देंगे जो कश्मीर के लोगों के मसलों को हल कर उनकी परेशानियां दूर करेंगी।
भाजपा को निशाना बनाते हुए रशीद ने कहा कि भाजपा एक ऐसा एजेंडा रखती है जो कश्मीरियों के हित में नहीं है। जिसमें अनुच्छेद 370 को हटाने के साथ-साथ पाक अधिकृत कश्मीर के हिंदू शरणार्थियों को स्टेट सब्जेक्ट के अधिकार देना शामिल है।