पीओके में चल रहे आतंकी कैंपों पर बमबारी की भाजपा की मांग पर मंगलवार को राज्य विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस मसले पर भाजपा और नेशनल कांफ्रेंस के विधायकों में तीखी तकरार हुई। पांपोर हमले के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर नेकां ने सरकार से सफाई मांगी। नेकां विधायक देवेंद्र राणा ने भाजपा पर रियासत में जंग का उन्माद पैदा करने का आरोप लगाया। अपरोक्ष रूप से संघ पर हमला करते हुए कहा कि गोलियां नागपुर नहीं बल्कि रियासत में चलती हैं।
राणा का यह बयान भाजपा विधायकों को नागवार गुजरा। उन्होंने खड़े होकर राणा की टिप्पणी का जोरदार विरोध शुरू कर दिया। सदन में सुनवाई न होने का तर्क देकर नेकां विधायकों ने वाकआउट कर दिया।
सुबह विधानसभा में पीरजादा गुलाम जिलानी को श्रद्धांजलि देने के साथ ही देवेंद्र राणा ने भाजपा द्वारा पीओके में आतंकी ठिकानों पर बमबारी की मांग पर सवाल खड़े किए। राणा ने स्पीकर से कहा कि वे सरकार से इस मामले पर पक्ष स्पष्ट करवाएं। क्योंकि ऐसे बयान से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए हैं।
‘अब बोलो, बात बोली से बनेगी या गोली से’
अभिभाषण के दौरान हंगामा
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भाजपा रियासत में युद्ध का उन्माद पैदा करने का प्रयास कर रही है। सदन में नेकां के साथ कांग्रेस विधायक भी सत्ता पक्ष के खिलाफ बोलने लगे। राणा ने कहा पुंछ, बालाकोट, अरनिया, सांबा के लोगों से पूछो कि जब-जब इन लोगों ने सीना ताना, वहां से गोली चली और सीमावर्ती लोगों को ही खामियाजा भुगतना पड़ा है।
दोनों तरफ के शोर में हस्तक्षेप करते हुए स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने कहा हमें गर्व होना चाहिए कि केंद्र सरकार दिल्ली से पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही है। सरकार पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम करने में समर्थ है। इस जवाब के बावजूद नेकां विधायक संतुष्ट नहीं हुए और विरोध जताते हुए सदन से बाहर चले गए।
हंगामे के दौरान पीडीपी विधायकों की तरफ देखते हुए नेकां विधायकों ने कहा कि आप तो गोली नहीं बोली की बात करते थे। आप बताओ बोली से बात बनेगी या गोली से। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि युद्ध का उन्माद पैदा करने और बमबारी से नागपुर को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, गोली वहां नहीं रियासत की सरहदों पर रहने वालों पर चलेगी। नेकां विधायकों ने भाजपा विधायकों से कहा कि वह यह रवैया व पाकिस्तान को उकसावे वाली बयानबाजी को सहन नहीं करेंगे।