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नेकां से गंठबंधन पर कार्यकर्ताओं में था रोष : सोज

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आखिर उमर और राहुल की सियासी दोस्ती टूट गई। कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस दोनों राजनीतिक दलों का करीब साढ़े पांच वर्ष पुराना गठबंधन समाप्त हो गया।
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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव अंबिका सोनी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने शनिवार को जम्मू में कार्यकर्ताओं के अधिवेशन और कांग्रेस नेताओं से देर रात तक बैठकों के बाद यह फैसला लिया।

रविवार को पत्रकार सम्मेलन में विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर चुनाव लड़ने और नेकां-कांग्रेस गठबंधन के टूटने का विधिवत ऐलान भी कर दिया गया। जम्मू में अंबिका सोनी ने कहा कि काफी सोच-विचार करने के बाद विधानसभा चुनाव अपने बलबूते पर लड़ने का फैसला किया गया है।
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आम राय से चुने जाएंगे उम्मीदवार

उन्होंने कहा कि चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाएं, इसके लिए सभी बाइस जिलों में कार्यकर्ता अधिवेशन होंगे। उसमें जो आम राय बनेगी, उसी आधार पर उम्मीदवारों की सूची जारी होगी।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि गठबंधन की मजबूरियों की वजह से कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करवाने में कई मामलों में देरी हुई। इसलिए विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने और अपने दम पर बहुमत हासिल कर सरकार बनाने का निर्णय लिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज ने कहा कि कांग्रेस रियासत के तीनों क्षेत्रों में मजबूत है। नेकां से गठबंधन की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष था। पार्टी को इसका नुकसान हो रहा था। अकेले दम पर चुनाव लड़ने से पार्टी मजबूत होगी।
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बागी नेताओं पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई : सोनी

जम्मू-कश्मीर प्रभारी अंबिका सोनी ने दावा किया कि संसदीय चुनाव और पार्टी के दिशा निर्देशों को न मानने वाले नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्हें उम्मीदवार भी नहीं बनाया जाएगा। ऐसे मामलों को एआईसीसी की अनुशासनात्मक कमेटी और स्क्रीनिंग कमेटी के पास जांच को भेजा जाएगा।

आम राय से होगा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला

कांग्रेस प्रदेश के सभी बाइस जिलों में कार्यकर्ता अधिवेशन बुलाने के बाद उसमें बनने वाली आमराय के बाद ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला करेगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी अंबिका सोनी ने कहा कि फिलहाल जम्मू जिले के अधिवेशन से शुरूआत की गई है। अब लद्दाख में अधिवेशन होगा।

दस दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष को बता दिया था

कांग्रेस पार्टी के नेशनल कांफ्रेंस से गठबंधन तोड़ने के फैसले पर मुख्यमंत्री उमर का कहना था कि इसे कांग्रेस का फैसला कहना गलत और पूरी तरह तथ्यों से छेड़छाड़ करने जैसा होगा। उमर ने तीन ट्वीट कर जानकारी दी कि दस दिन पहले ही सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को इस बात की जानकारी दे दी थी।
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