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मां की भक्ति में डूबा शहर, मंदिरों में भक्तों का तांता

Fri, 26 Sep 2014 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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शारदीय नवरात्र के वीरवार से शुरू होने के साथ ही अगले नौ दिन के लिए पूरा शहर महामाई की भक्ति में डूब गया। शहर के प्रमुख बावे वाली सहित अन्य माता के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने हाजिरी देकर सुख समृद्धि की कामना की। परिवार की खुशहाली के लिए घरों में पूजा अर्चना के साथ साख लगाई गई। शुभ कार्यों का श्रीगणेश होने के साथ बाजारों में रौनक भी लौट आई है।
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फूलों से सजे बावे मंदिर में माता रानी के दर्शन के लिए बीती रात दो बजे ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। तड़के 3:15 माता के दरबार को खोला गया। बस फिर क्या था हर कोई माता के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ता गया। मां के दरबार में नतमस्तक होने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे। मां के पास बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल ही मां का गुणगान करते हुए पहुंचे।

इसमें कई ऐसे भक्त भी थे जो मन्नत पूरी होने पर जमीन पर लेटकर पहुंचे। मंदिर परिसर में कोरिया से विशेष रूप से लगाई गई एलईडी (फ्लट लाइट) की रंग-बिरंगी रोशनी का रात के समय नजारा देखते ही बन रहा है। इसके अलावा अलग से रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। मां के दरबार में भक्तों के  पहुंचने का सिलसिला तड़के शुरू होकर देर रात तक जारी रहा।
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महामाया में उमड़ा आस्था का सैलाब
बावे वाले मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित महामाया माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर सुख-शांति मांगी। सूर्य पुत्री के एक किनारे पहाड़ी पर स्थापित इस मंदिर में अधिकांश भक्त बावे वाली माता के दर्शन के बाद यहां पहुंचते हैं। यहां से पुराने शहर का मनमोहक नजारा दिखता है।

कोल कंडोली में भक्तों का हुजूम
शहर से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग नगरोटा पर स्थित कोल कंडोली मंदिर में पहले नवरात्र पर भक्तों की भीड़ पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में जम्मू से श्रद्धालु भी मां के दरबार पहुंचे थे। इसी मंदिर में श्री माता वैष्णो देवी के पहले दर्शन होते हैं। हाईवे पर मंदिर होने के कारण श्रद्धालुओं के अलावा पर्यटक भी पहुंचते हैं। मंदिर में लगे मां के पंगूड़े आकर्षण का केंद्र रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि माता ने यहां पंगूड़े (पालकी) की सवारी की थी।
 
चंडी माता के दर्शन को भीड़
पुराने शहर के पक्का डंगा स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में माता चंडी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंची। मंदिर परिसर में मां की ज्योत प्रज्ज्वलित की गई है। पिछले कुछ वर्षों से इस मंदिर में भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। मचैल यात्रा के दौरान यहां से मां के दरबार के लिए छड़ी मुबारक में सैकड़ों भक्त जाते हैं।

भंडारों में भक्तों ने प्रसाद चखा
पहले नवरात्र पर बावे वाली माता के मंदिर सहित अन्य मंदिरों और दूसरे स्थानों पर महामाई के भंडारों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। इसमें दिनभर सेवक मां के भक्तों की सेवा में जुटे रहे।
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