कश्मीर में बर्फवारी के दौरान बिजली संकट के विरोध में नेशनल कांफ्रेंस ने विधानसभा में हंगामा किया। सरकार के उत्तर से असंतुष्ट नेकां सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का वाकआउट भी किया। बाद में नेकां सदस्य फिर सदन में आ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेकां के अली मोहम्मद सागर ने बिजली संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के दावों की पोल खुल गई है।
कश्मीर में बर्फवारी के दौरान कई इलाकों में दो-तीन दिनों से बिजली नहीं है। सरकार लगातार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है जबकि इलाकों में बिजली संकट कायम है। नेकां के मोहम्मद अकबर लोन, शेख इशाक जब्बार और अन्य सदस्यों ने अपने इलाकों में बिजली संकट का ब्योरा देते हुए सरकार को बिजली आपूर्ति के मोर्चे पर फेल बताया।
नेकां के अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। मियां अल्ताफ ने वेल में आकर सरकार के खिलाफ गुस्सा जताया। उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि कश्मीर के 80 प्रतिशत इलाकों में बिजली की आपूर्ति हो रही है। विभागीय अधिकारियों को बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।