नियुक्तियों में भाई भतीजावाद का आरोप लगने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की चयन प्रक्रिया के जांच के आदेश दिए हैं। जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। कमेटी को रिपोर्ट जल्द से जल्द देने को कहा गया है।
इस बीच नेकां ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। साथ ही विभिन्न विभागों में हुई नियुक्तियों की न्यायिक जांच की भी मांग की है।
नेकां का आरोप है कि पीडीपी उपाध्यक्ष सरताज मदनी के बेटे अरुत मदनी का नाम खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड मेंकार्यकारी अधिकारियों के पद पर नियुक्ति के लिए जारी सूची में है।
पार्टी प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि बोर्ड की ओर से जारी सूची में ज्यादातर नाम पीडीपी नेताओं के बेटे या फिर सत्ता से जुड़े हुए लोगों के हैं। उन्होंने कहा कि पीडीपी राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्वयं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं।
उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उधर, पीडीपी महासचिव रफी अहमद मीर ने बताया कि अरुत ने नियुक्ति से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की ओर मामले की जांच के आदेश भी वापस हो गए हैं।