उन्होंने सरकार से विभागों में खाली पड़े पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्तियां करने पर जोर दिया। बॉर्डर, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस व अन्य सुरक्षाबलों में विशेष भर्तियां आयोजित की जाएं। इसके अलावा सिविल सर्विस परीक्षाओं में आयु पर राहत देने की मांग की गई।
राणा ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों सहित प्रमुख राजनेताओं को हिरासत और नजरबंद रखने का विरोध किया गया। इसके साथ पार्टी अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए बढ़ाने पर रोष जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रमुख नेताओं ने जम्मू-कश्मीर और देश के लिए सराहनीय योगदान दिया है।
उन्होंने सभी नेताओं को रिहा करके राजनीतिक गतिविधियां बहाल करने पर जोर दिया। जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा को बहाल किया जाए। असम और उत्तर प्रदेश में माहौल खराब होने के बावजूद दो से तीन दिन में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई थी।