उधमपुर। जिले में चल रहे अवैध पानी के कनेक्शन को लेकर अब जलशक्ति विभाग सख्ती करने की तैयारी कर चुका है। अवैध पानी के कनेक्शन लेकर लोग विभाग को करोड़ों की चपत लगा चुके हैं। इसका पता लगाने के लिए सर्वे किया जाएगा और जिन लोगों ने अवैध कनेक्शन लिए होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले 15 वर्ष में ही विभाग को करीब 15 करोड़ रुपये का चूना लग चुका है। वर्ष 2010 तक शहर में पानी का वार्षिक बिल मामूली था। इसके चलते जलशक्ति विभाग अवैध रूप से चल रहे पानी के कनेक्शन को लेकर कभी चिंतित नहीं हुआ, लेकिन 2011 में अचानक स्टेट वाटर रिसोर्सेस रेगुलेटरी अथारिटी ने बिल बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया। बिल बढ़ने पर पानी चोरी होने से विभाग की चिंता बढ़ने लगी। 2022 तक पानी का वार्षिक बिल 3000 रुपये तक पहुंच चुका था और मार्च 2023 के बाद इसमें और बढ़ोतरी होगी। वार्षिक बिल से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध कनेक्शन के कारण हर वर्ष विभाग को करोड़ों का चूना लग रहा है। जलशक्ति विभाग के रिकार्ड के अनुसार शहर में उसके पास करीब 16 हजार कनेक्शन हैं, जबकि पीडीडी विभाग के पास शहर के अंदर करीब 30 हजार बिजली के कनेक्शन हैं। आंकड़ों से पता चल जाता है कि शहर के अंदर हजारों पानी के कनेक्शन अवैध रूप से चल रहे हैं। इसका पता लगने के लिए अब जलशक्ति विभाग सर्वे करवाएगा और अवैध कनेक्शन लगाने वालों पर कार्रवाई करेगा। सूत्रों के अनुसार अवैध कनेक्शन से जलशक्ति विभाग को अभी तक 15 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है और वह इसको सख्त कार्रवाई कर वसूलने की तैयारी कर रहा है।
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बाप दादा के नाम पर चलने वाले कनेक्शनों का कई वर्ष से नहीं किया है भुगतान
शहर में कई लोगों ने अपने घरों में पिता व दादा के नाम पर चल रहे पानी के कनेक्शनों को बंद करवाए बिना ही नए कनेक्शन ले लिए हैं और पुराने बिलों का आज तक भुगतान नहीं किया है। घरों में पुराने और नए दोनों कनेक्शन चल रहे हैं। भुगतान केवल एक कनेक्शन का किया जा रहा है। इससे भी जलशक्ति विभाग के राजस्व को नुकसान हो रहा है। इसका भी सर्वे के जरिए पता लगाया जाएगा।
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शहरवासियों को हर दिन कम मिल रहा 18 लाख गैलन कम पानी
अवैध कनेक्शन के कारण भी जलशक्ति विभाग शहरवासियों को पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। शहर के 21 वार्ड को हर रोज 54 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन जलशक्ति विभाग अभी तक शहरवासियों को दो फिल्ट्रेशन प्लांट से केवल 38 लाख गैलन पानी ही दे पा रहा है। हर रोज शहरवासियों को 18 लाख गैलन पानी कम मिल रहा है। हजारों अवैध कनेक्शन के कारण हजारों गैलन पानी चोरी हो रहा है। इसके कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की समस्या कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है।
अवैध पानी के कनेक्शन का पता लगाने के लिए जलशक्ति विभाग अब सतर्क हो गया है। राजस्व को हर वर्ष करोड़ों का नुकसान हो रहा है और इसी कारण शहर के अंदर सुचारु रूप से पानी की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। अब सर्वे कर अवैध कनेक्शनों का पता लगाया जाएगा और चोरी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप गुप्ता, एईई जलशक्ति विभाग