पिछले पांच सालों से लटके पड़े स्थानीय निकायों समेत जम्मू नगर निगम चुनाव जल्द करवाने पर कैबिनेट की मुहर के बाद से वार्ड स्तर पर हलचल तो शुरू हो चुकी है। बहरहाल चुनाव कब होंगे इस पर अभी भी असमंजस बना हुआ है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा के अनुसार गठबंधन सरकार ने सत्ता में आते ही स्थानीय निकाये चुनाव जल्द करवाने का फैसला लिया है। जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द चुनाव करवाएगी। प्र
देश युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रणव शगोत्रा का कहना हैं कि स्थानीय निकाये चुनाव रियासत के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार हैं। इसे करवाने में सरकार को अब देरी नहीं करनी चाहिए।
राज्य कबीना ने जल्द चुनाव करवाने का फैसला तो लिया हैं लेकिन इस पर अमलीजामा भी जल्द पहनाया जाना चाहिए ताकि रियासत के लोगों को जमीनी स्तर पर बदलाव दिखे। उनका कहना हैं कांग्रेस स्थानीय निकाये चुनाव के लिए तैयार है।
जम्मू कश्मीर रियासत के इतिहास में नगर निगम जम्मू के चुनाव केवल चार बार ही हो पाए है। पहली बार 1956 में नगर निगम के चुनाव हुए। इसके बाद 1972 में चुनाव हुए। 1980 में भी चुनाव हुए।
इसके बाद साल 2005 में जम्मू नगर निगम के चुनाव हुए। 2010 से नगर निगम का कार्यकाल खत्म होने के बाद से पिछले पांच साल से नगर निगम के चुनाव लंबित पड़े हुए है। इस वजह से केंद्रीय राशि से भी हाथ धोना पड़ रहा है।