डोगरा राजा महाराजाओं के भंडार गृह (तोशाखाना) का जीर्णोद्धार अभी तक नहीं हो सका है। धीरे-धीरे छह साल गुजर गए लेकिन इसका जीर्णोद्धार जहां प्राथमिक स्तर पर होना चाहिए था, वह नहीं हो सका।
हालांकि इस भंडार गृह में रखे राजा-महाराजाओं के ऐतिहासिक हथियार, चांदी के बर्तन एवं तत्कालीन फर्नीचर आदि सामान सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
लगभग सात साल पहले इस ऐतिहासिक तोशाखाना में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। अब तक तोशाखाना अपने जीर्णोद्धार का इंतजार कर रहा है।
धरोहर के एक हिस्से का अभी तक जीर्णोद्धार नहीं हो सका
वहीं, आग लगने के समय बचाव कार्य के कारण इस तोशाखाना में रखे हुए पुराने सामान में चांदी के बर्तन, तत्कालीन फर्नीचर, पालकियां एवं हथियार आदि सुरक्षित हैं और ये जम्मू सचिवालय में रखवाए गए हैं।
आग से इमारत को क्षति पहुंची थी लेकिन इस ऐतिहासिक धरोहर के एक हिस्से का अभी तक जीर्णोद्धार नहीं हो सका है।
पुरातत्व विभाग के अवकाश प्राप्त वरिष्ठ डायरेक्टर जनरल एसके कादरी का कहना है कि 120 कनाल में विस्तृत मुबारक मंडी महल में तीस के करीब आलीशान भवन हैं। वहीं इसके अंदर मंदिर भी हैं।
अब तक कोई सुनवाई नहीं
मुख्यमंत्री ने इसी महीने बैठक की थी, जिसमें जीर्णोद्धार के कार्य के बारे में पूरी जानकारी ली थी और आश्वासन भी दिया था कि आर्कियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया के माध्यम महल का जीर्णोद्धार करवाया जाए।
केंद्र द्वारा मंजूर पचास करोड़ की राशि में से 8.51 जारी हुए थे, जबकि मेगा प्लान के तहत मंजूर 25 करोड़ में से 3.3 करोड़ की फंडिंग हुई है, जिसके आधार पर जीर्णोद्धार जारी है। तोशाखाना में 2007 में आग लगी थी।