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सेना के जरिए कश्मीर के जख्मों पर मोदी का मरहम

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जख्मों पर मरहम लगाकर कश्मीरियों के दिल में जगह बनाने की हर संभव कोशिश की। नब्ज को सहलाया, दुख-दर्द को बांटने की बात कही और सेना की माफी को उपलब्धि बताकर नई सियासत का संकेत दिया।
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रैली चुनावी थी लिहाजा बेरोजगारी की बात कर युवा वोट बैंक को रिझाने का दांव भी चला। चूंकि अनुच्छेद 370 कश्मीरियों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है इसलिए मोदी ने इसे नहीं छेड़ने में ही सियासी फायदा देखा।

इतना ही नहीं अनुच्छेद 370 खत्म होने पर बंदूक उठाने की बात करने वाली हिना भट ने मंच पर मोदी के पांव छुए और उन्हें आर्शीवाद भी मिला।

मोदी पीएम बनने के बाद आधा दर्जन बार कश्मीर आए लेकिन शेरे कश्मीर स्टेडियम में सोमवार की उनकी रैली घाटी में पहली सार्वजनिक रैली थी। इसी स्टेडियम से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीरी अवाम को संबोधित किया था लिहाजा मोदी का वाजपेयी से तुलना भी हुई।
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निर्दोष कश्मीरियों की मौत का मुद्दा उठाया

कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी जैसे सियासी दलों से लेकर अलगाववादियों की जमात तक सभी वाजपेयी की नीतियों के मुरीद रहे हैं। मोदी ने वाजपेयी की ही नीतियों को ही आगे बढ़ाने की बात कहकर किसी भी नए विवाद के पैदा होने की संभावना पर ही विराम लगा दिया।

मोदी की पहली कश्मीर रैली उनके रुख में आई नरमी के लिए भी याद की जाएगी। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लगभग हर सभा में सेना और पुलिस के जवानों की शहादत का जिक्र करते रहे।

कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के साथ दिवाली मनाने से पहले जब वे सियाचीन में सेना के जवानों का हौसला बढ़ा रहे थे, तब भी जवानों की शहादत ही उनकी जुबान पर थी। श्रीनगर में पहली बार मोदी ने सेना और पुलिस की गोली से निर्दोष कश्मीरियों की मौत का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में पहली बार हुआ कि गलती के लिए सेना ने माफी मांगी और जांच भी शुरू हुई। दोषियों के खिलाफ मुकदमा भी हुआ। मोदी ने कहा कि तीस साल में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ।
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शहीद पर‌िवारों को प्रत‌ि जताई हमदर्दी

मोदी ने कहा कि आतंकवाद से सेना और पुलिस के जवान तो शहीद हो ही रहे हैं, निर्दोष परिवारों ने भी अपने बच्चे गंवाए हैं। उन्होंने उन परिवारों का दुख बांटने की बात कही। मोदी ने कहा कि कश्मीरियों का दुख, उनका दुख, कश्मीरियों की पीड़ा, उनकी पीड़ा और कश्मीरियों की मुसीबतें, उनकी मुसीबतें हैं।

कश्मीरियों द्वारा दिए प्यार के लिए मोदी ने आभार भी जताया। मोदी ने कहा कि बाढ़ के दिनों में लोगों ने कहा कि केंद्रीय मदद रियासत सरकार के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे उनके एकाउंट में दी जाए। कश्मीरियों ने सरकार के बजाय मोदी पर भरोसा जताया। मोदी इसकी चर्चा करते भावुक दिखे।
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